मेयर–पार्षदों के पांच साल पर INLD का तीखा हमला, बोले सिर्फ नारियल फोड़ने को ही विकास मानती है भाजपा
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के पंचकूला शहरी जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने नगर निगम के मेयर और पार्षदों के कार्यकाल पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते पांच वर्षों में नारियल फोड़कर फोटो खिंचवाना ही मेयर और पार्षदों की सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल पार्कों, टूटी सड़कों, ब्लॉक गलियों और जर्जर झूलों के रूप में सामने है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर रहा। ठेकेदारों से कथित रूप से मोटी कमीशन वसूली, जनता के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आज तक नगर निगम का अपना भवन क्यों नहीं बन पाया, जिसके चलते हर महीने लाखों रुपये किराये पर खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कई विकास कार्यों को कागजी बताते हुए आरोप लगाया कि कोरियन घास के नाम पर करीब 80 लाख रुपये की लागत दिखाई गई, लेकिन जमीन पर घास नजर नहीं आती। माजरी चौक पर प्रदूषण कम करने के नाम पर लोहे की संरचनाओं और पौधों पर 20 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि वहां एक भी पौधा मौजूद नहीं है। इसी तरह सौंदर्यीकरण के नाम पर मीडियन और पुलों के नीचे कराई गई वॉल पेंटिंग को उन्होंने भद्दी बताते हुए लाखों रुपये की बर्बादी करार दिया।
INLD नेता ने कहा कि विकास के नाम पर शहर और निगम क्षेत्र के गांवों में स्वागती गेट बनाकर जनता के करोड़ों रुपये व्यर्थ किए गए। डिवाइडिंग सड़कों पर जरूरत से ज्यादा ऊंची रेलिंग केवल बिल बढ़ाने के उद्देश्य से लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि पांच साल में नगर निगम अपने सात प्रमुख सरोकारों में से एक भी पूरा नहीं कर पाया—न अतिक्रमण हटा, न आवारा पशुओं से निजात मिली और न ही शहर पॉलिथीन मुक्त हो सका।
मनोज अग्रवाल ने गीता चौक के सौंदर्यीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सोन्द्रीयकरण के नाम पर दो बार टेंडर जारी कर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन जनता को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे कार्यकाल में वास्तविक विकास के बजाय भ्रष्टाचार और दिखावे की राजनीति हावी रही।





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