फूलों की होली खेल कर भागवत कथा को दिया गया विश्राम
पंचकूला सैक्टर 16 में श्रीराम सेवादार ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा रविवार को फूलों की होली खेलकर हुई संपन्न
श्रीमद् भागवत कथा द्वारा भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए प्रेरणा :-कथावाचक अतुल कृष्ण शास्त्री
मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं :-कथावाचक श्री अतुल कृष्ण शास्त्री
कथा के 7 वें दिन कथावाचक ने श्री कृष्ण के सर्वोपरि लीला श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध को किया प्रस्तुत
पंचकूला के सैक्टर 16 में श्री राम सेवादार ट्रस्ट द्वारा आयोजित करवाई जा रही कथा पहुंची विश्राम तक
पंचकूला 11 जनवरी : श्रीराम सेवादार ट्रस्ट द्वारा पंचकूला के सैक्टर 16 के अग्रवाल भवन में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान 7 वें दिन हवन यज्ञ के साथ कथा में भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरि लीला श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्ति में बांध दिया।
कथा के 7वें दिन 11 जनवरी को राधा रानी के साथ फूलाें की हाेली सभी भक्तों ने खेली। फूलाें की हाेली के लिए विशेष तौर पर कोलकाता से फूल मंगवाए गए। श्रीराम सेवादार ट्रस्ट से मुकेश बंसल तथा राकेश गोयल ने बताया कि अग्रवाल भवन सैक्टर 16 के के हाल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सातवें दिन कृष्ण के अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया गया।
मां देवकी के कहने पर छह पुत्रों को वापस लाकर माँ देवकी को वापस देना सुभद्रा हरण का आख्यान कहना एवं सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथावाचक श्री कथावाचक श्री अतुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं ।
श्री कथावाचक श्री अतुल कृष्ण शास्त्री ने कथा का रसपान करवाते हुए भक्तों को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य व असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। कथा व्यास ने कथा के साताें दिन यहां से ग्रहण किए गए ज्ञान को जीवन में अपनाने और उसका प्रसार करने की अपील की।
श्री कथावाचक श्री अतुल कृष्ण शास्त्री ने व्यासपीठ पर विराजमान होकर भागवत कथा का श्रवण कराया। श्रीमद्भागवत कथा में विभिन्न धार्मिक प्रसंग सुनाए गए। साथ ही भजनों की प्रस्तुति से भक्तगण आत्मविभोर होकर झूम उठे। इस धार्मिक अनुष्ठान के विश्राम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रासलीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया।



इस दौरान भजन गायकों ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। इस कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों भक्तों ने आनंद उठाया। उन्होंने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने को कहा। जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है। कथा के पश्चात आरती की गई व सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मुकेश बंसल, राकेश गाेयल, पुनीत बसंल तथा राज मित्तल, विकास गोयल ने बताया कि श्री राम सेवादार ट्रस्ट पंचकूला द्वारा पंचकूला के सैक्टर 16 अग्रवाल भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का रविवार 11 जनवरी को राधा रानी के साथ फूलाें की हाेली खेली गई। आज कथा के विश्राम दिवस पर हजारों भक्तों ने कथा व फूलाें की हाेली का आनंद लिया। ट्रस्ट द्वारा भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।




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