पंचकूला नगर निगम से मेयर और पार्षदों का कार्यकाल समाप्त, अब से निगम कमिश्नर और अधिकारी ही सरकार
पंचकूला नगर निगम के लिए वर्तमान मेयर कुलभूषण गोयल और जनता से चुने गए में 20 पार्षद और मनोनीत तीन पार्षद का कार्यकाल कल देर रात समाप्त हो गया । कार्यकाल समाप्त होने के पहले शनिवार को मेयर कुलभूषण गोयल ने अपने 5 साल के कार्यकाल को लेकर पत्रकार वार्ता की । पत्रकार वार्ता में उन्होंने अपने 5 साल के कामकाज पर विस्तृत रिपोर्ट एक किताब के माध्यम से पत्रकारों के सामने पेश की । जिसमें बताया गया कि उन्होंने 5 साल के दौरान 400 करोड रुपए के काम करवाए हैं । हालांकि उन्होंने यह भी माना की कुछ ऐसे काम थे जो वह करवाना चाहते थे पर पूरे हो नहीं पाए जिनमें प्रमुख तौर पर उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि मेरी बहुत इच्छा थी कि मेरे कार्यकाल में नगर निगम की बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाए पर मामला कोर्ट में होने की वजह से मैं चाह कर भी इस बिल्डिंग को नहीं बनवा सका इसका मुझे अफसोस रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी से संबंधित सभी पार्षद मौजूद रहे और सभी पार्षद ने मेयर कुलभूषण गोयल की तारीफ में कसीदे गढ़े और कहा कि मेयर के सामने जिस भी काम को लेकर वह गए उन्होंने उसे काम को करवा दिया । लगभग सभी ने कहा कि जितना विकास कार्य हो चुका है उतना पहले कभी नहीं हुआ।
तो वही मजाकिया लहजे में नगर निगम कमिश्नर आर के सिंह ने कहा कि मेयर साहब ने 400 करोड रुपए नहीं लगाए हैं बल्कि निगम के 100 करोड़ बचाए हैं इस बात को भी ध्यान रखने वाली बात है।
प्रेस वार्ता के दौरान कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद थी उन्होंने कहा कि मैं मेयर रह चुकी हूं तो मुझे पता है कि मेयर की कुर्सी सीधे तौर पर जनता से जुड़ी हुई होती है और मेयर कुलभूषण गोयल ने तो इतने काम करवा दिए हैं जिसका असर धरातल पर दिखाई पड़ रहा है।
पंचकूला भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अजय मित्तल भी इस मौके पर बोले पंचकूला चंडीगढ़ से लगता हुआ शहर है और लोग चंडीगढ़ को खूबसूरत शहर मानते हैं पर मेरा मानना यह है कि आज की तारीख में पंचकूला चंडीगढ़ से ज्यादा खूबसूरत शहर है क्योंकि चंडीगढ़ के किसी भी कोने से आप पंचकूला में एंटर करें , जगमगाती लाइटों से ही आपका स्वागत होता है । जबकि चंडीगढ़ में ऐसा नहीं है और यह सारी मेहनत हमारे मेयर कुलभूषण गोयल और पार्षदों के द्वारा की गई है।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा इकाई अध्यक्ष बंतो कटारिया भी मौजूद थी और उन्होंने भी मेयर के कार्यकाल को लेकर उनकी पीठ थपथपाई।
अब नेताओं की टिकट की दौड़ शुरू
नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्षद और मेयर सभी अगले नगर निगम चुनाव की टिकट की दौड़ में शामिल हो चुके हैं । यह अलग बात है कि किसको टिकट मिलेगा और किसको नहीं मिलेगा यह भविष्य के गर्भ में है ।
हालांकि टिकट के सवाल पर मेयर कुलभूषण गोयल से जब पत्रकार वार्ता में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में कोई नहीं कह सकता किसको टिकट मिलेगा और किसको नहीं सब कार्यकर्ता है । जिसको टिकट मिलेगी हम सब उसी के साथ खड़े होते हैं । यहां पर कोई भी मेयर बन सकता है और कोई भी पार्षद बन सकता है।
कब होंगे चुनाव अभी इस पर बना हुआ है असमंजस
नगर निगम चुनाव कब होंगे अभी इसको लेकर असमंजस का माहौल है । हालांकि चुनाव को लेकर दो तरह की चर्चाएं मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चल रही है । एक चर्चा है कि चुनाव फरवरी के तीसरे सप्ताह के पहले हो जाएंगे तो वहीं दूसरी चर्चा यह भी है कि कांग्रेस वार्ड बंदी को लेकर कोर्ट जाएगी और चुनाव अप्रैल और मई के पहले नहीं हो सकेंगे । हालांकि अभी तक कांग्रेस ने कोर्ट जाने के बारे में किसी प्रकार का कोई फैसला नहीं किया है । या इसको ऐसे भी कह सकते हैं कि कोर्ट में अभी शीतकालीन छुट्टियां चल रही है और कोर्ट 7 जनवरी को खुलेगा उसके बाद कांग्रेस फैसला करेगी कि वह वार्ड बंदी के मामले को कोर्ट में चैलेंज करेगी या नहीं।
हो जाइए सावधान क्योंकि जल्दी ही नेताजी वादों का पिटारा लेकर आपके दरवाजे पर आएंगे
जल्दी ही नेताजी आपके दरवाजे पर एक बार फिर वादों की टोकरी लेकर नजर आ जाए तो आश्चर्यचकित मत हो जाएगा। यह कहना है पंचकूला विकास मंच के प्रमुख राकेश अग्रवाल का। उन्होंने आज प्रेस वार्ता समाप्त होने के बाद कहां की 5 साल में नगर निगम में इतने घोटाले हुए हैं जिसका जिक्र उन्होंने ( मेयर साहब ) ने नहीं किया । बेहतर होता जब वह अपने 400 करोड रुपए की तारीफों में पुल बांध रहे थे तो एक बार ज्यादा ना सही एक-दो घोटाले का जिक्र कर देते कि मेरे कुर्सी पर रहते हुए यह तो घोटाले भी हुए।
पर जल्दी ही एक बार फिर नेताजी आपके दरवाजे पर वादों की उन्हीं टोकरियों को लेकर पहुंचने वाले हैं जिन वादों को वह टोकरियों में भरकर पिछले चुनाव में जनता के समक्ष आए थे । उन्होंने कहा यह अलग बात है कि हो सकता है इस बार चेहरे अलग हो । और वादे वही होंगे।
राकेश अग्रवाल के अनुसार अब जनता का वक्त आने वाला है कि वह अपने दरवाजे पर आने वाले सभी राजनीतिक नुमाइंदों के लिए सवालों की एक लिस्ट तैयार करें । और हर आने वाले नेता को सुनने के पहले अपने सवालों के जवाब मांगे।
प्रेस वार्ता की प्रमुख हाइलाइट्स
इस पत्रकार वार्ता में खबरी प्रशाद अखबार के संवाददाता भी मौजूद थे , उनकी नजर से देखिए क्या-क्या खास था !
- इस सत्र की अंतिम प्रेस वार्ता में सिर्फ और सिर्फ बीजेपी के पार्षद और बीजेपी के नेता दिखाई पड़े । विपक्ष का कोई भी नेता और पार्षद मौजूद नहीं था ।
- वार्ड 13 से पार्षद सुनीत सिंगला जो जीते तो बीजेपी से थे पर विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी पर सरकार कांग्रेस की बनी नहीं तो वापस बीजेपी में आ गए । सत्र की अंतिम प्रेस वार्ता में अपनी धर्मपत्नी के साथ दिखाई पड़े । सिंगला ने लगभग इस सत्र के 53 दिन कांग्रेस में बिताए ।
- वार्ड 14 से पार्षद सुशील गर्ग नरवाना 2020 के चुनाव में जननायक जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत कर आए थे । विधानसभा चुनाव भी इसी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर लड़ा था पर चुनाव हारने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया । उनका कहना है कि हम तो भाजपा के ही थे भाजपा के ही हैं एवं भाजपा के ही रहेंगे । 2020 में सरकार का जेजेपी के साथ समझौता था और वार्ड 14 जेजेपी के खाते में गया था इसलिए मुझे उस पार्टी से चुनाव लड़ना पड़ा था और हम तो सदा से भाजपाई ही है ।
- वार्ड 11 से निर्दलीय पार्षद ओमवती पूनिया विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के साथ मंच शेयर करती थी पर अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह मेयर के मंच पर दिखाई पड़ी । तब उनको लगता था कि सरकार कांग्रेस की आ सकती है ।
- और सबसे बड़ी बात पूरे 5 साल में पहली बार किसी पत्रकार वार्ता में मेयर कुलभूषण गोयल अपनी धर्मपत्नी के साथ नजर आए । इसको लेकर कयास यह लगाए जाने लगे , की अगर पंचकूला नगर निगम की सीट महिला आरक्षित हो जाती है तो मेयर कुलभूषण गोयल अपनी धर्मपत्नी के नाम पर दावा ठोक सके ।




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